
कुछ ख़ुशबू कभी मुरझाती नहीं
कुछ रिश्ते वक़्त के साथ ख़त्म नहीं होते, बस चिट्ठियों में बंद होकर रह जाते हैं।
"गजरा" एक ऐसी कहानी है जो पुरानी चिट्ठियों, एक धुंधली तस्वीर और मोगरे की उस ख़ुशबू के इर्द-गिर्द बुनी गई है जो बरसों बाद भी यादों में ताज़ा है। यह प्रेम, बिछड़न और इंतज़ार की कहानी है। एक ऐसा सफ़र जो दिल को छूता है और आँखें नम कर जाता है।
आइए,अपूर्वा एवं अभय के साथ एक शाम कहानियों के नाम करें, जहाँ शब्द ही दृश्य बनेंगे और एहसास ही संगीत।
Entry allowed for ages 14 and above
Tickets required for ages 14 and above
Pets are not allowed
Indoor venue with AC with pre-assigned seating
