

दिल की बस्ती पुरानी दिल्ली है
जो भी गुज़रा है उस ने लूटा है
-/ बशीर बद्र
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Adaab dilli
हौज़ खास विलेज पार्क की खुली फ़िज़ा में
हम सजा रहे हैं “अंजुमन”
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“अंजुमन” एक आयोजन भर नहीं,
यह उन रूहों का मिलन है
जो कविता में सुकून ढूँढती हैं,
जो सुरों में अपने सवाल छोड़ आती हैं
और कहानियों में अपना सच तलाशती हैं।
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